रविवार, 26 जुलाई 2020

हम लोगो को हमेशा सोचना चाहिए कि  जिस कार्य को करने का हमने प्रण  लिया है और जो हमारे सामने है , उसे प्राप्त करने के लिए हम जितना कार्य कर रहे है , जिस गति से एवं जिस प्रमाण से हम अपने कार्य को आगे बढ़ा रहे है , क्या वह गति और प्रमाण हमारी कार्य सिद्धि के लिए पर्याप्त है। 
---- प. पु. डॉ. हेडगेवार जी 

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