रविवार, 26 जुलाई 2020

जिस शिक्षा से हम अपना जीवन निर्माण कर सके , मनुष्य बन सके , चरित्र गठन कर सके और विचारो का सामंजस्य कर सके , वही वास्तव में शिक्षा कहलाने योग्य है।
----- स्वामी विवेकानंद जी 

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