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मंगलवार, 9 जून 2026


कर्म करना बहुत अच्छा है; परंतु वह विचारों से उत्पन्न होता है। इसलिए अपने मस्तिष्क को उच्च विचारों और सर्वोच्च आदर्शों से भर दो तथा उन्हें दिन-रात अपने सामने रखो। इन्हीं से महान कार्यों का जन्म होगा।”

                                           -------------------- स्वामी विवेकानंद जी

रविवार, 2 अगस्त 2020

धर्म मे ही भारत की जीवन शक्ति निहित है और जब तक यह हिन्दू जाति अपने पूर्वजो की इस विरासत को नहीं भूलती तब तक विश्व की कोई शक्ति इसका नाश नहीं कर सकती ।
------- स्वामी विवेकानंद 
कर्म करना बहुत अच्छा है  पर वह विचारो से आता है  इसलिए अपने मस्तिष्क को उच्च विचारों और उच्चतम आदर्शों से भर लो , उन्हे रात दिन अपने सामने रखो , उनही  में से महान कार्यों का जन्म होगा ।
......... स्वामी विवेकानंद 
सफलता प्राप्त करने के लिए जबरदस्त सतत प्रयत्न और जबरदस्त इच्छा रखो । कड़ा परिश्रम करो । तुम अपने उद्देश्य को निश्चित पा जाओगे ।
...... स्वामी विवेकानंद 

रविवार, 26 जुलाई 2020

जिस शिक्षा से हम अपना जीवन निर्माण कर सके , मनुष्य बन सके , चरित्र गठन कर सके और विचारो का सामंजस्य कर सके , वही वास्तव में शिक्षा कहलाने योग्य है।
----- स्वामी विवेकानंद जी 
एक लक्ष्य निर्धारित कीजिये।  उस लक्ष्य को ही पाना जीवन बनाइये।  उस पर हमेशा विचार कीजिये , उसको पूरा करने का ही स्वप्न देखिये , उस लक्ष्य के ही जियें और अन्य सभी बातों को छोड़ दें।  सफलता का यही मार्ग है।
------ स्वामी विवेकानंद जी 
जब कभी भारत के सच्चे इतिहास का पता लगाया जायेगा , तब यह सन्देश प्रमाणित होगा कि  धर्म के समान ही विज्ञान , दर्शन , संगीत , साहित्य , गणित , ललित कला आदि में भी भारत समग्र संसार का आदि गुरु रहा है।
------ स्वामी विवेकानंद जी 

शुक्रवार, 12 अप्रैल 2019

स्वामी विवेकानंद 

महान चीजे महान बलिदान के द्वारा ही हो सकती है।  बहादुरों , अपना कर्तव्य पूरा करों।  प्रसिद्धि , स्वार्थ , तेरा - मेरा या ऐसी किसी भी व्यर्थ बातों को भूलकर , संघठन में रहकर अपने कर्तव्य , अपने कार्य को पूर्ण करो।  ध्यान रहे  जब घांस को आपस में जोड़कर रस्सी बनाई जाती है तब इस रस्सी में इतनी शक्ति होती है कि  पागल हाथी को भी बाँधा जा सकता है।  

गुरुवार, 19 मई 2011

स्वामी विवेकानंद


हम हिन्दू चाहे जिस नाम से पुकारे जाते हो, कुछ सामान विचार सूत्रों से बंधे हुवे हैं, अब वह समय आ गया है कि अपने तथा अपने हिन्दू जाति के कल्याण के लिए अपने आपस के झगड़ो एवं मतभेदों को त्यागकर हम एक हो जाएँ