चरित्र लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
चरित्र लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 7 मार्च 2026

 

सत्य न छूटे; स्पष्टवादिता में कमी न होने पावे, कार्य न छोड़ा जाए और  सत्यकथन में शिष्टता, सभ्यता और औचित्य को तिलांजलि न दी जाए।

                       ---------- गणेश शंकर विद्यार्थी जी

 

सोमवार, 3 अगस्त 2020

मेरा संदेश विशेष रूप से युवाओ को है  - वे अलग तरह से सोचने का साहस रखे , कुछ नया करने का साहस रखे , अनजाने रास्तों पर चलने का साहस रखें । असंभव को संभव करने का साहस रखें , समस्याओं पर जीत हासिल करने का साहस रखें । यही महान गुण है , जिन पर युवाओं को जरूर कार्य करना चाहिए । 
----- डॉ. कलाम 

रविवार, 2 अगस्त 2020

फूलों की खुशबू वायु के विपरीत नहीं जाती  पर मानवीय गुणों की खुशबू चारों और फैलती है ।
........ महात्मा बुद्ध 
विद्या, वीरता, दक्षता , बल और धैर्य ये पांचों मनुष्य के स्वाभाविक मित्र है । बुद्धिमान जन सर्वदा इसके सहवास में रहते है ।
----- गुरु वेद व्यास 
जिस राष्ट्र में चरितरशीलता नहीं है , उसमे कोई योजना काम नहीं कर सकती है । 
------ विनोबा भावे 
किसी भी आंदोंलन में साधारण जनता,  कार्यकर्ता के कार्य का उतना ख्याल नहीं करती , जितना की उसके व्यक्तिगत चरित्र का । इसलिए हमारी चादर इतनी साफ रहे कि हमारे चरित्र मे ढूंढने से भी दोष या कलंक का छीटा तक न मिले ।
------ प. पु. डॉ. हेडगेवार जी