बुधवार, 29 जुलाई 2020

हम मे से हर एक स्वयंसेवक को एक आदर्श स्वयंसेवक बनना चाहिए । मैं आजन्म राष्ट्र सेवा के कार्य को करता रहूँगा , इस आत्मप्रेरणा को जाग्रत रखने के लिए हमे आदर्श मन और आदर्श तन की जरूरत होगी और इसको पाने के लिए हमे आदर्श गुण जैसे उत्साह , आत्मविश्वास , वीरता , पराक्रम , नमन की भावना आदि को अपने अंदर आत्मसात करना होगा ।
--- प. पु. श्री गुरुजी

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