गुरुवार, 19 मई 2011

प. पू. गुरूजी.

ऐसे व्यक्तित्व भी है, जिन्होंने देश और धर्म के लिए अपने प्राण दे दिए.
सत्य है वे आदरणीय, महान और प्रेरणा के स्रोत है. परन्तु जिन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश और धर्म के लिए दे दिया,
जिन्होंने अपने आप को पूरा जीवन जलाते हुए अगणित लोगो के हृदय को जगाया
ऐसे लोगों के जीवन को तपस्या कहते हैं जो महानता की परम ऊंचाई है.

प. पू. गुरूजी.


सम्पूर्ण व शक्तिशाली हिन्दू समाज यही हम सबका एकमात्र श्रद्धास्थान होना चाहिए.
जाति, भाषा, प्रान्त, पक्ष ऐसी सभी विचारो को समाज भक्ति के बीच में नहीं आने देना चाहिए.

प. पू. गुरूजी

अखंड श्रद्धा और दृढ़ संकल्प यही जिनकी एकमात्र शक्ति होती है,
ऐसे सामान्य मनुष्यों से ही देश के महान कार्य हुवे हैं

प. पू. गुरूजी

महानता के लिए छोटी छोटी बातों को आयोजित
करना पड़ता है. महान व्यक्तित्व एक ही दिन में
तैयार नहीं होते, वे तो चुपचाप धीरे धीरे क्रमवार
रीती से बढते हैं और त्याग प्रेम और आदर्श उनके
व्यक्तित्व को महान बनाते हैं

स्वामी विवेकानंद


हम हिन्दू चाहे जिस नाम से पुकारे जाते हो, कुछ सामान विचार सूत्रों से बंधे हुवे हैं, अब वह समय आ गया है कि अपने तथा अपने हिन्दू जाति के कल्याण के लिए अपने आपस के झगड़ो एवं मतभेदों को त्यागकर हम एक हो जाएँ

प.पू. डॉ. हेडगेवार


आसेतु हिमाचल तक फैला हुआ हिन्दू समाज हमें संघठित करना है, संघ केवल स्वयंसेवको तक ही सीमित नहीं है, संघ बाहर के लोगो के लिए भी है. राष्ट्रोद्धार का सही मार्ग लोगों को दिखाना ही हमारा कर्तव्य है.