राष्ट्र निर्माण के पथ पर फूल बिछे हो या कांटे , इसकी परवाह किए बिना , उस पथ पर बढ़ जाने वाले दृढ निश्चयी युवाओं से ही यह राष्ट्र आगे बढ़ेगा ।
-------- प. पु. डॉक्टर जी
सोमवार, 3 अगस्त 2020
शक्ति केवल सेना या शस्त्रों में नहीं होती बल्कि सेना का निर्माण जिस समाज से होता है , वह समाज जितना राष्ट्रप्रेमी , नीतिमान और चरित्रवान सम्पन्न होगा , उतनी मात्रा में वह शक्तिमान होगा ।
------ प. पु. डॉ. हेडगेवार जी
रविवार, 2 अगस्त 2020
किसी भी आंदोंलन में साधारण जनता, कार्यकर्ता के कार्य का उतना ख्याल नहीं करती , जितना की उसके व्यक्तिगत चरित्र का । इसलिए हमारी चादर इतनी साफ रहे कि हमारे चरित्र मे ढूंढने से भी दोष या कलंक का छीटा तक न मिले ।
------ प. पु. डॉ. हेडगेवार जी
बुधवार, 29 जुलाई 2020
संगठन ही राष्ट्र की प्रमुख शक्ति होती है । संसार मे कोई भी समस्या शक्ति के आधार पर ही हल हो सकती है । शक्तिहीन राष्ट्र की कोई भी आकांक्षा कभी भी पूरी नहीं होती परंतु शक्तिशाली राष्ट्र कोई भी कार्य जब चाहे तब कर सकता है।
----- प. पु. डॉ. हेडगेवार जी
रविवार, 26 जुलाई 2020
हम लोगो को हमेशा सोचना चाहिए कि जिस कार्य को करने का हमने प्रण लिया है और जो हमारे सामने है , उसे प्राप्त करने के लिए हम जितना कार्य कर रहे है , जिस गति से एवं जिस प्रमाण से हम अपने कार्य को आगे बढ़ा रहे है , क्या वह गति और प्रमाण हमारी कार्य सिद्धि के लिए पर्याप्त है। ---- प. पु. डॉ. हेडगेवार जी
अपने हिंदू समाज को बलशाली और संगठित करने के लिए ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जन्म लिया है।
----- प. पु. डॉ. हेडगेवार जी
शुक्रवार, 12 अप्रैल 2019
प. पु. डॉक्टरजी
हिन्दू जाति का सुख ही मेरा और मेरे कुटुंब का सुख है। हिन्दू जाति पर आनेवाली विपत्ति हम सभी के लिए महासंकट है और हिन्दू जाति का अपमान हम सभी का अपमान है , ऐसी आत्मीयता की वृत्ति हिन्दू मात्र के रोम रोम में व्याप्त होनी चाहिए , यही तो है राष्ट्रधर्म का मूल मंत्र।
प. पु. डॉक्टरजी
मी संघाचा स्वयंसेवक होतो असे म्हणण्याची पाळी आपल्या जीवनांत येऊ देऊ नका , जो पर्यंत जिवंत आहोत , तो पर्यंत स्वयंसेवक राहू .
आसेतु हिमाचल तक फैला हुआ हिन्दू समाज हमें संघठित करना है, संघ केवल स्वयंसेवको तक ही सीमित नहीं है, संघ बाहर के लोगो के लिए भी है. राष्ट्रोद्धार का सही मार्ग लोगों को दिखाना ही हमारा कर्तव्य है.