सोमवार, 3 अगस्त 2020

अपने समाज में मनुष्य बल, धन बल , बुद्धि बल , सब कुछ था परंतु मैं इस राष्ट्र का घटक हूँ तथा इसके लिए मेरा जीवन लगना चाहिए , यह भावना व्यक्ति के अंतकरण से लोप होने के कारण सब प्रकार की शक्ति के होते हुवे भी हिन्दू समाज पराभूत हुआ । इस सोचनीय अवस्था के निदान के रूप में समाज की नस नस मे राष्ट्रियता की उत्कट भावना को भरकर और इस भावना से प्रेरित होकर सम्पूर्ण समाज अनुशासित एवं संज्जीवित होकर पुनः दिग्विजय राष्ट्र के रूप में खड़ा हो , डॉक्टर जी के इस महामंगल संकल्प का मूर्त रूप है राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ । 
----- परम पूज्य रज्जु भैया 

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