रविवार, 2 अगस्त 2020

धर्म से ही धन , सुख सबको मन वांक्षित  पदार्थ प्राप्त होते है , इसलिए संसार मे धर्म ही सार वस्तु है ।
----- अरण्यकांड (रामचरितमानस)

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