शुक्रवार, 12 अप्रैल 2019

प.  पु.  डॉक्टरजी 

हिन्दू जाति  का सुख ही मेरा और मेरे कुटुंब का सुख है।  हिन्दू जाति  पर आनेवाली विपत्ति हम सभी के लिए महासंकट है और हिन्दू जाति  का अपमान हम सभी का अपमान है , ऐसी आत्मीयता की वृत्ति हिन्दू मात्र के रोम रोम में व्याप्त होनी चाहिए , यही तो है राष्ट्रधर्म का मूल मंत्र।  

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