शुक्रवार, 12 अप्रैल 2019

स्वामी विवेकानंद 

महान चीजे महान बलिदान के द्वारा ही हो सकती है।  बहादुरों , अपना कर्तव्य पूरा करों।  प्रसिद्धि , स्वार्थ , तेरा - मेरा या ऐसी किसी भी व्यर्थ बातों को भूलकर , संघठन में रहकर अपने कर्तव्य , अपने कार्य को पूर्ण करो।  ध्यान रहे  जब घांस को आपस में जोड़कर रस्सी बनाई जाती है तब इस रस्सी में इतनी शक्ति होती है कि  पागल हाथी को भी बाँधा जा सकता है।  

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