स्वयं पर विजय सबसे बड़ी जीत है। वाणी पर नियंत्रण रखे। अपने दीपक स्वयं बनो । क्रोध एक जलता हुआ अंगारा है जो पहले खुद को जलाता है। जो दूसरों को दुख देता है वो कभी सुखी नहीं रहता। दूसरों की आलोचना करने से पहले अपने आचरण को देखो
---------------- भगवान गौतम बुद्ध
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