महानता के लिए छोटी छोटी बातों को आयोजित
करना पड़ता है. महान व्यक्तित्व एक ही दिन में
तैयार नहीं होते, वे तो चुपचाप धीरे धीरे क्रमवार
रीती से बढते हैं और त्याग प्रेम और आदर्श उनके
व्यक्तित्व को महान बनाते हैं
करना पड़ता है. महान व्यक्तित्व एक ही दिन में
तैयार नहीं होते, वे तो चुपचाप धीरे धीरे क्रमवार
रीती से बढते हैं और त्याग प्रेम और आदर्श उनके
व्यक्तित्व को महान बनाते हैं
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